
चंबा। पल्यूर स्थित ट्रांसफार्मर में हाई वोल्टेज से एलटी लाइन में आए करंट से हुए दर्दनाक हादसे से पूरे गांव के लोग सहमे हुए हैं। चार लोगों को खोने के बाद ग्रामीणों को अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि विद्युत बोर्ड की विद्युत सप्लाई लाइन उनके घरों में मौत का तांडव कर सकती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस समय शार्ट सर्किट हुआ, लोगाें को कुछ भी संभालने का मौका नहीं मिला। लाइट आफ करने के चक्कर में एक-एक कर दस लोग करंट की चपेट में लोग आ गए। कुछेक लोग तो घर में ही बेसुध होकर गिर पड़े। कुछ समय के लिए घराें में करंट दौड़ने लगा। तमाम बिजली की तारों जल गईं। रात के समय अफरा तफरी का माहौल रहा। यह हादसा शनिवार रात को सवा नौ बजे हुआ। उसके बाद लोगों के शोर से आसपास के गांवों के लोग भी इकट्ठा हो गए। घायलों को ऐसे तैसे कर अस्पताल पहुंचाया। वहीं, उपप्रधान लियास मोहम्मद, मीर हमजा, पूर्व प्रधान हमीर मोहम्मद, योग राज, पप्पू, तिलक, अमर सिंह, कर्म सिंह, महेंद्र कुमार, बिट्टू, कुलदीप और तन्नू ने बताया कि ट्रांसफार्मर से पल्यूर, गणजी, डाडरू, दबड़ को एलटी लाइन से विद्युत आपूर्ति होती है। हाई वोल्टेज लाइन सामान्य सप्लाई लाइन पर गिरन से पांच घराें में जैसे आग लग गई। यहां की वायरिंग जल उठी, टीवी और अन्य विद्युत उपकरण भी दहक उठे। इसी दौरान जिस भी किसी ने स्विच आफ करने की कोशिश की, वह करंट की चपेट में आ गया। ग्रामीणों ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, पिछले वर्ष भी कुड़था गांव में बिजली की तार की चपेट में आने से सुलेमान पुत्र इसराइल निवासी कुड़था की मौत हो गई थी। बिजली की तारें पेड़ों के साथ लपटी हुई हैं। वहीं, पप्पू, कुलदीप और तरुण ने बताया कि इमरजेंसी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती तो शायद कुछ की जान बच जाती। मृतकों को प्राइवेट गाड़ियाें में अस्पताल पहुंचाना पड़ा। साथ ही एंबुलेंस को काल करने पर भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। वहीं, पल्यूर हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के निदेशक लियाकत अली खान और बीडीसी ओम प्रकाश ने इस हादसे में गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सक के इमरजेंसी ड्यूटी पर तुरंत मुहैया न होने पर भी दुख व्यक्त किया है
